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एमबीबीएस की बढ़ती कटऑफ से घबराएं नहीं, आयुष में भी करियर के बेहतरीन अवसर : डॉ. ए.के. द्विवेदी
नीट के बाद काउंसिलिंग में बरतें सावधानी, सही चॉइस से मिल सकता है बेहतर कॉलेज : डॉ. द्विवेदी
इंदौर। नीट-2026 के परिणाम के बाद एमबीबीएस की बढ़ती कटऑफ को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता देखी जा रही है। ऐसे समय में विशेषज्ञ विद्यार्थियों को सही काउंसिलिंग और सोच-समझकर विकल्प भरने की सलाह दे रहे हैं।
नॉर्थ ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड होम्योपैथी (NEIAH), शिलांग, मेघालय की वैज्ञानिक सलाहकार समिति (SAC) के सदस्य एवं एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी कुमार (ए.के.) द्विवेदी ने बताया कि आयुर्वेद (BAMS), होम्योपैथी (BHMS), यूनानी (BUMS) तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा (BNYS) सहित सभी आयुष स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश नीट-2026 की मेरिट के आधार पर होगा। उनके पास प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के फोन और ऑनलाइन परामर्श के अनुरोध आ रहे हैं।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 27 आयुर्वेद, 20 होम्योपैथी, 4 यूनानी तथा 1–2 योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान संचालित हैं। वहीं इंदौर में 3 आयुर्वेद, 3 होम्योपैथी तथा 1 यूनानी मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में एमबीबीएस नहीं मिलने पर भी विद्यार्थियों के पास आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर के अनेक विकल्प उपलब्ध हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे समय पर ऑनलाइन काउंसिलिंग में पंजीयन करें, नीट स्कोर कार्ड, मार्कशीट, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र, ईडब्ल्यूएस/पीडब्ल्यूडी (यदि लागू हो) सहित सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। कॉलेजों की प्राथमिकता एवं चॉइस फिलिंग पूरी सावधानी से करें, क्योंकि सही विकल्प भरने से बेहतर संस्थान मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि आज आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान, सरकारी एवं निजी सेवाओं, उच्च शिक्षा तथा स्वरोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। इसलिए विद्यार्थी केवल कटऑफ देखकर निराश न हों, बल्कि अपनी रैंक के अनुसार सही रणनीति के साथ काउंसिलिंग में भाग लें।
उन्होंने कहा, “नीट केवल एक परीक्षा है, अंतिम मंजिल नहीं। धैर्य, सकारात्मक सोच और सही काउंसिलिंग से बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त होता है।”


